जब साधना में परमानंद मिलता है

भाव जब सधने लगते हैं तो कोई साथ नहीं होता। सिर्फ शून्य होता है। ध्यान धरते ही सब गायब और ब्रह्माण्ड अपने अंदर ही दिखता है। शरीर की आसक्ति भी खत्म हो जाती है और फिर प्राण आत्मा से मिल कर कर उड़ने को तैयार रहते हैं। हर वक़्त हल्का पन, आनंद मय होता है।परमात्मा… Read More जब साधना में परमानंद मिलता है

शुभप्रभातम🙏🏻👉🏻भारतीय संस्कृति संक्षेप में!!!

ॐ श्री हरि🕉🙏🏻 दो लिंग : नर और नारी ।दो पक्ष : शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष।दो पूजा : वैदिकी और तांत्रिकी (पुराणोक्त)।दो अयन : उत्तरायन और दक्षिणायन। xxxxxxxxxx 02 xxxxxxxxxxतीन देव : ब्रह्मा, विष्णु, शंकर।तीन देवियाँ : महा सरस्वती, महा लक्ष्मी, महा गौरी।तीन लोक : पृथ्वी, आकाश, पाताल।तीन गुण : सत्वगुण, रजोगुण, तमोगुण।तीन स्थिति… Read More शुभप्रभातम🙏🏻👉🏻भारतीय संस्कृति संक्षेप में!!!

जीवन के उदेश्य कैसे पूर्ण होते हैं?

यह जीवन को हम जी रहे हैं, ये केवल इस शरीर और इस शरीर को दिखने वाली वस्तुओं या विषयों से निर्मित नहीं है। हमारे इस जीवन में इससे कुछ ज्यादा है । वह ज्यादा क्या है? इस ज्यादा का हमारे जीवन और अस्तित्व पर क्या प्रभाव पड़ता है ? या यूं सोचें की क्यों… Read More जीवन के उदेश्य कैसे पूर्ण होते हैं?